दमोह। जिले के तारादेही स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कंप्यूटर लैब में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया है। हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में कंप्यूटर उपकरणों की चोरी को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ सवाल भी चर्चा में बने हुए हैं।
विद्यालय के प्राचार्य स्वदेश कुमार नेमा द्वारा 1 सितंबर को थाना तारादेही में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 29 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने विद्यालय की कंप्यूटर लैब का ताला तोड़कर वहां रखे कंप्यूटर उपकरण एवं अन्य सामग्री चोरी कर ली थी।
मामले में थाना तारादेही में अपराध क्रमांक 90/2026 के तहत धारा 305(E) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा एसडीओपी तेंदूखेड़ा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर दो संदिग्धों से पूछताछ की गई।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात में शामिल होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अनारी गौड़ (28 वर्ष) एवं सुरेश गौड़ (19 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम तारादेही को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे अथवा उनकी निशानदेही पर चोरी गया कंप्यूटर लैब का सामान बरामद किया गया है।
वारदात को लेकर स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल
इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गया सामान बरामद होने के बाद भी स्थानीय लोगों के बीच वारदात के तरीके को लेकर कुछ सवाल चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंप्यूटर, मॉनिटर, सीपीयू और प्रिंटर सहित बड़ी मात्रा में उपकरण विद्यालय परिसर से बाहर कैसे ले जाए गए, इसकी विस्तृत जांच से घटनाक्रम और स्पष्ट हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि चोरी की पूरी वारदात को अंजाम देने और भारी उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में क्या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही थी। हालांकि, इस संबंध में फिलहाल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
गिरफ्तार आरोपियों में से एक के दिव्यांग होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में स्थानीय लोग चोरी की घटना के पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामान को विद्यालय से किस प्रकार बाहर निकाला गया और उसे कहां रखा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को चोरी की घटना के पूरे क्रम, सामान को ले जाने के संभावित साधनों तथा यदि किसी अन्य व्यक्ति ने सहायता की हो तो उसकी भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद करने की जानकारी दी है। मामले की विवेचना जारी है। आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात में केवल गिरफ्तार आरोपी शामिल थे या मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आते हैं।
