तेंदूखेड़ा/दमोह। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा में जनसंवाद शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों और आवेदकों की समस्याओं को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गंभीरता से सुना और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देकर मौके पर ही समस्याओं का निराकरण कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविर में तेंदूखेड़ा निवासी एक बुजुर्ग महिला ने राशन नहीं मिलने की समस्या कलेक्टर के सामने रखी। कलेक्टर ने तत्काल खाद्य विभाग के अधिकारियों को बुलाकर महिला की ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला को राशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
इसी दौरान एक ग्रामीण ने अपनी चार गायों के गौशाला में होने की जानकारी दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित गौशाला संचालकों से चर्चा की और निर्देश दिए कि ग्रामीण की गायों को उनके सुपुर्द किया जाए।
जनविश्वास अभियान के तहत कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण भी किया। इस दौरान ग्राम हर्रई सिंगोरगढ़ की प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कुछ विद्यार्थियों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हुई थीं।
कलेक्टर ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जिला परियोजना समन्वयक श्री द्विवेदी को फोन पर निर्देश दिए कि जिन विद्यार्थियों को पुस्तकें नहीं मिली हैं, उन्हें उसी दिन पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। निर्देश के कुछ समय बाद संबंधित विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गईं।
कलेक्टर ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
इसी क्रम में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने ग्राम हर्रई सिंगोरगढ़ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि केंद्र में अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है, लेकिन इसके बावजूद 48 हजार रुपये का बिजली बिल प्राप्त हुआ है।
मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने तत्काल विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता से मोबाइल पर चर्चा की। उन्होंने समस्या का निराकरण कराने और आंगनबाड़ी केंद्र में तत्काल विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन का जोर ग्रामीणों की समस्याओं को केवल दर्ज करने के बजाय संबंधित विभागों के माध्यम से उनका त्वरित निराकरण कराने पर रहा। अलग-अलग मामलों में अधिकारियों को मौके से ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रशासन के अनुसार अभियान का उद्देश्य अधिकारियों और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानना और पात्र लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करना है।
