दमोह। जिले में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबेरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सिंग्रामपुर के टगरा मोहल्ले में बारिश के दौरान मुक्तिधाम तक पहुंचने का रास्ता ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। नाले पर पुल नहीं होने के कारण हाल ही में एक महिला के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, गांव में एक महिला की मौत के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण रास्ते में पड़ने वाले नाले का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। नाले की स्थिति ऐसी हो गई कि शव को लेकर उसे पार करना संभव नहीं था।
मजबूरी में परिजनों को कई घंटे तक शव को घर पर ही रखना पड़ा। करीब पांच से छह घंटे बाद जब नाले में पानी का बहाव कुछ कम हुआ, तब ग्रामीण आगे आए। इसके बाद लोगों ने जोखिम उठाते हुए कमर तक पानी में उतरकर शव को नाले के दूसरी ओर पहुंचाया। काफी मशक्कत के बाद शव को मुक्तिधाम ले जाया गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल एक दिन की नहीं है। बारिश के मौसम में हर वर्ष टगरा मोहल्ले के लोगों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले पर पुल नहीं होने के कारण सामान्य आवागमन भी प्रभावित होता है, जबकि किसी की मृत्यु होने पर स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नाले में पानी बढ़ने के बाद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए रास्ता पार करना बेहद खतरनाक हो जाता है। तेज बहाव के बीच पैदल नाला पार करने से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद लंबे समय से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
करीब तीन साल पहले ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किए जाने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों के अनुसार, निरीक्षण के बाद नाले पर पुल निर्माण के लिए करीब 40 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। हालांकि, प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल का निर्माण समय रहते हो जाता तो अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। बारिश के मौसम में वहां पहुंचने में परेशानी के साथ अंतिम संस्कार के दौरान बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में ग्रामीणों को कई बार अस्थायी व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि टगरा मोहल्ले से मुक्तिधाम जाने वाले मार्ग पर स्थित नाले में जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक और संवेदनशील प्रक्रिया के लिए किसी परिवार को घंटों इंतजार करने या लोगों को तेज बहाव में उतरने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में तैयार किए गए करीब 40 लाख रुपये के प्रस्ताव पर अब कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आगामी बारिश में भी इसी तरह की स्थिति दोहराई जा सकती है और किसी गंभीर हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
