क्षिप्रा एक्सप्रेस के AC कोच में मारपीट, तीन अटेंडर घायल; वेंडर्स पर गंभीर आरोप

दमोह-कटनी रेलमार्ग पर सलैया रेलवे स्टेशन के पास क्षिप्रा एक्सप्रेस के एसी कोच में अटेंडरों और कथित वेंडर्स के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। तीन अटेंडर घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि जीआरपी मामले की जांच कर रही है।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
क्षिप्रा एक्सप्रेस के AC कोच में मारपीट, तीन अटेंडर घायल; वेंडर्स पर गंभीर आरोप

दमोह। दमोह-कटनी रेलमार्ग पर सलैया रेलवे स्टेशन के पास शनिवार को क्षिप्रा एक्सप्रेस के एसी कोच में अटेंडरों और कथित वेंडर्स के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि बड़ी संख्या में पहुंचे वेंडर्स ने एसी कोच में मौजूद तीन अटेंडरों के साथ मारपीट की, जिससे तीनों घायल हो गए। घटना के बाद यात्रियों की शिकायत और हस्तक्षेप के पश्चात घायलों को उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल भेजा गया।

घायल अटेंडरों के अनुसार, क्षिप्रा एक्सप्रेस के संबंधित एसी कोच में कुल नौ अटेंडर कार्यरत हैं। शाजापुर निवासी एसी कोच अटेंडर देवी सिंह राजपूत ने बताया कि शनिवार को उनमें से तीन अटेंडरों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई।

अटेंडरों का कहना है कि वे कटनी से ट्रेन में अपनी ड्यूटी के लिए पहुंचे थे और यात्रियों को एसी कोच में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान कुछ वेंडर्स के साथ विवाद की स्थिति बन गई, जिसके बाद मामला बढ़ गया।

घायल अटेंडर सुखयार रायकवार ने कुछ वेंडर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कुछ लोग पहले भी अटेंडरों के कमरे और सामान रखने की जगह में शराब की बोतलें छिपाकर रखते थे। अटेंडरों ने इसका विरोध किया था।

अटेंडरों के अनुसार, शराब की बोतलें रखने को लेकर विरोध करने पर उन्हें पहले भी कथित रूप से धमकियां दी गई थीं। उन्होंने पैसे छीने जाने जैसी घटनाओं के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, शराब रखने, बेचने, धमकी देने और पैसे छीनने से जुड़े इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

शनिवार को विवाद एक बार फिर बढ़ गया। अटेंडरों का आरोप है कि विरोध के बाद बड़ी संख्या में लोग एसी कोच में पहुंचे और तीन अटेंडरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान कोच में हंगामे की स्थिति बन गई।

बताया गया कि कुछ यात्रियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। अटेंडरों का आरोप है कि विवाद के दौरान यात्रियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि, इस संबंध में यात्रियों के बयान और अन्य साक्ष्य जांच के दौरान महत्वपूर्ण होंगे।

घटना के दौरान ट्रेन सलैया रेलवे स्टेशन के पास पहुंची। आरोप है कि मारपीट करने वाले लोग ट्रेन धीमी होने या रुकने के दौरान नीचे उतरकर चले गए। पीड़ित अटेंडरों के अनुसार, घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए हैं, जिनकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा सकती है।

मारपीट में घायल हुए तीनों अटेंडरों को सिर और आंखों में चोटें आने की बात सामने आई है। यात्रियों की शिकायत के बाद घायलों को पहले सलैया स्टेशन पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें आगे के उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनका परीक्षण किया। चोटों के कारण तीनों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अटेंडरों ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट में शामिल कुछ वेंडर्स के पास पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस नहीं थी। उनका कहना है कि ऐसे लोग अलग-अलग स्टेशनों से ट्रेन में आते-जाते हैं। हालांकि, संबंधित लोगों की पहचान और वे अधिकृत वेंडर थे या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद सागर जीआरपी ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। घायल अटेंडरों की शिकायत, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

फिलहाल मारपीट और शराब से जुड़े आरोप जांच के दायरे में हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ, मारपीट में कौन लोग शामिल थे और अटेंडरों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है।