दमोह। जिले में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गौवंश की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नागरिकों, पशुपालकों एवं वाहन चालकों से ‘सड़क से गौशाला की ओर’ अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि देश में गाय को माता के रूप में पूजनीय माना जाता है और गौवंश के संरक्षण, सुरक्षा तथा उचित देखभाल की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि सड़क पर बेसहारा या असहाय गौवंश दिखाई देने पर उसे सुरक्षित स्थान या नजदीकी गौशाला तक पहुंचाने में सहयोग करें।
सड़कों पर गौवंश से बढ़ता है दुर्घटना का खतरा
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के अनुसार जिले के मुख्य मार्गों और अन्य सड़कों पर बेसहारा गौवंश के बैठे या घूमते रहने से यातायात प्रभावित होता है। विशेष रूप से रात्रि के समय सड़क पर अचानक गौवंश के आ जाने से वाहन दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
ऐसी दुर्घटनाओं में गौवंश के घायल होने या उनकी मृत्यु का खतरा रहता है, वहीं वाहन चालकों और राहगीरों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा, दोनों के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
पशुपालकों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के पशुपालकों से विशेष अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें। पशुपालक अपने गौवंश को सुरक्षित रूप से अपने परिसर में रखें अथवा आवश्यकता होने पर स्थानीय गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करें।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों की जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका से सड़कों पर बेसहारा पशुओं की संख्या कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
‘सड़क से गौशाला की ओर’ अभियान में बनें मददगार
कलेक्टर ने आम नागरिकों से कहा कि यदि सड़क पर कोई लावारिस, बेसहारा या असहाय गौवंश दिखाई देता है तो उसकी सुरक्षा के लिए सहयोग करें। नागरिकों का छोटा सा प्रयास किसी बेजुबान पशु की जान बचाने के साथ-साथ सड़क दुर्घटना की संभावना को भी कम कर सकता है।
उन्होंने अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को गौवंश संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने वाहन चालकों से विशेषकर रात्रि के समय नियंत्रित गति से वाहन चलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय सड़क पर मौजूद गौवंश और अन्य पशुओं के प्रति सतर्क रहना जरूरी है।
तेज गति और असावधानी कई बार गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित गति से वाहन चलाने का आग्रह किया गया है।
निकाय और पंचायतों को भी निर्देश
संबंधित नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को भी निर्देशित किया गया है कि सड़कों पर घूम रहे गौवंश को व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखें।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि केवल प्रशासनिक प्रयासों से ही समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों, पशुपालकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने जिलेवासियों से संकल्प लेने की अपील की कि सड़क पर बेसहारा गौवंश दिखाई देने पर उसकी सुरक्षा के लिए सहयोग किया जाए। इससे जहां गौवंश संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी सहायता मिल सकती है।
