पीएम पोषण योजना में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, 22 स्व-सहायता समूह हटाए; 28 शाला प्रभारियों को नोटिस

दमोह जिले में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत 280 शालाओं में कराई गई विशेष मॉनीटरिंग के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर 22 स्व-सहायता समूहों को हटाया गया है। वहीं समय पर कार्रवाई नहीं करने पर 28 शाला प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
पीएम पोषण योजना में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, 22 स्व-सहायता समूह हटाए; 28 शाला प्रभारियों को नोटिस

दमोह। जिले में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया है कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक शाला में बच्चों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार पौष्टिक, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।

कलेक्टर के अनुसार शासकीय माध्यमिक विद्यालयों में पीएम पोषण शक्ति योजना का संचालन जनपद पंचायतों के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाता है। जुलाई और अगस्त माह में जिले की 280 शालाओं में बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की विशेष मॉनीटरिंग कराई गई।

22 स्व-सहायता समूह हटाए गए

मॉनीटरिंग के दौरान नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराने वाले 22 स्व-सहायता समूहों को योजना से हटा दिया गया है। इन समूहों के स्थान पर जिला पंचायत द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि संबंधित विद्यालयों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद संबंधित शालाओं में भोजन व्यवस्था को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

28 शाला प्रभारियों को नोटिस

कलेक्टर ने बताया कि विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की निगरानी करना शाला प्रभारियों की भी जिम्मेदारी है। यदि किसी विद्यालय में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था, तो संबंधित शाला प्रभारी को समय रहते समूह अथवा वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी थी।

समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के मामले में 28 शाला प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस के जवाब प्राप्त होने के बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जिले की प्रत्येक शाला में बच्चों को शासन के निर्देशों के अनुरूप स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पीएम पोषण शक्ति योजना का उद्देश्य केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें पर्याप्त पोषण प्रदान करना और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना भी है।

कलेक्टर ने कहा कि कई परिवारों में सुबह बच्चों के लिए टिफिन की व्यवस्था नहीं हो पाने की स्थिति रहती है। ऐसे में विद्यालय में मिलने वाला पौष्टिक भोजन बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रशासन द्वारा आगे भी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की निगरानी जारी रखने की बात कही गई है।