पटेरा में बारिश से नदी-नाले उफान पर, जोखिम भरे रास्तों से स्कूल पहुंच रहे शिक्षक

दमोह जिले के पटेरा विकासखंड क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते कई नदी-नाले उफान पर हैं और मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शिक्षकों को स्कूल पहुंचने के लिए जोखिम भरे रास्तों से आवागमन करना पड़ रहा है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठी है।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
पटेरा में बारिश से नदी-नाले उफान पर, जोखिम भरे रास्तों से स्कूल पहुंच रहे शिक्षक

दमोह/पटेरा। पटेरा विकासखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर बताए जा रहे हैं। वहीं विभिन्न मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। इन परिस्थितियों के बीच शिक्षकों एवं अन्य शासकीय कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्कूलों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण कुछ ग्रामीण मार्गों पर पानी का बहाव बढ़ गया है। नदी-नालों के उफान और रास्तों पर जलभराव के बीच स्कूल पहुंचना शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

जोखिम भरे रास्तों से स्कूल पहुंचने की मजबूरी

ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूल ऐसे स्थानों पर संचालित हैं, जहां पहुंचने के लिए नदी-नालों अथवा जलभराव वाले मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। लगातार बारिश के दौरान इन रास्तों पर पानी का स्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमपूर्ण हो सकता है।

शिक्षकों की ओर से मांग की जा रही है कि प्रशासन और शिक्षा विभाग स्थानीय परिस्थितियों का जायजा लेकर ऐसे मार्गों को चिन्हित करें, जहां बारिश के दौरान आवागमन खतरनाक हो जाता है। विशेष रूप से उफान वाले नदी-नालों को पार करने वाले मार्गों पर सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई जा रही है।

शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश की मांग

बारिश के दौरान अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में मांग की गई है कि प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा मैदानी स्थिति को देखते हुए शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

मांग है कि किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए जान जोखिम में डालकर जलभराव वाले अथवा उफनते नदी-नालों से होकर आवागमन करने की स्थिति न बने। आवश्यकता होने पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था अथवा उचित निर्देश जारी किए जाएं।

सुरक्षा को मिले प्राथमिकता

बारिश के दौरान विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था के साथ-साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम और मार्गों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है।

फिलहाल क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच नदी-नालों और जलभराव वाले मार्गों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वे परिस्थितियों का आकलन कर शिक्षकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।