दमोह। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार 29 अगस्त को बटियागढ़ में शिविर आयोजित किया गया। अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ उन नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पात्र होने के बावजूद किसी कारण से योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश के आनंद विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने कहा कि जन विश्वास अभियान के शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे लोगों के आवेदन भी लिए जा रहे हैं, जिन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जाना है।
राज्यमंत्री लखन पटेल ने बताया कि अभियान के तहत दमोह जिले में कुल 23 शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक विकासखंड में औसतन करीब तीन शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
मैदानी स्तर पर योजनाओं की होगी समीक्षा
राज्यमंत्री ने कहा कि अभियान केवल शिविरों तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर विभिन्न शासकीय संस्थानों और योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण भी कर रहे हैं।
इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। साथ ही जहां योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई कमी सामने आ रही है, वहां सुधार की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बटियागढ़ शिविर में प्राप्त आवेदनों का व्यवस्थित विवरण तैयार किया जाएगा। इसमें कुल प्राप्त आवेदन, मौके पर निराकृत किए गए प्रकरण और ऐसे मामलों की अलग जानकारी रखी जाएगी, जिनके समाधान में कुछ समय लग सकता है। आवेदनों की प्रगति और निराकरण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
33 ग्राम पंचायतों में पहुंची प्रशासन की टीमें
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत बटियागढ़ जनपद पंचायत की 33 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की टीमों ने संबंधित ग्राम पंचायतों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और विभिन्न शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली गई।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि मैदानी निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की जानकारी लेना नहीं, बल्कि यह देखना भी है कि शासन की योजनाएं धरातल पर किस तरह लागू हो रही हैं और किन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सामने आई कमियों को दूर करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र नागरिक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
