दमोह। लिपिक वर्गीय संघ के प्रांतीय आह्वान एवं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार, 12 सितंबर 2026 को दमोह जिले के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने ज्ञापन जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया।
ज्ञापन में लिपिक वर्गीय कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से रखा गया। कर्मचारियों ने मंत्रालयीन लिपिक कर्मचारियों के समान वेतनमान का लाभ दिए जाने, लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने तथा अनुकंपा नियुक्ति में CPCT की बाध्यता समाप्त करने की मांग की।
जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सौंपा ज्ञापन
लिपिक कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग धर्मेंद्र सिंह लोधी, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल, दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, हटा विधायक उमा देवी खटीक तथा जिला कलेक्टर दमोह के माध्यम से सौंपा गया।
कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि वेतन विसंगति सहित अन्य समस्याओं के कारण लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दो सूत्रीय मांगों पर जोर
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मुख्य रूप से मंत्रालयीन लिपिक कर्मचारियों के समान वेतनमान दिए जाने और लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति में CPCT की बाध्यता समाप्त करने की मांग भी शामिल रही।
कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। उनका कहना है कि मांगों के समाधान से लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को राहत मिल सकेगी।
कर्मचारियों ने जताया आभार
ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान लिपिक कर्मचारी संघ दमोह की ओर से कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लिपिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। संघ ने कर्मचारियों की सहभागिता और एकजुटता के लिए धन्यवाद दिया।
फिलहाल कर्मचारियों द्वारा ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें शासन के समक्ष रखी गई हैं। अब इन मांगों पर शासन स्तर से लिए जाने वाले निर्णय पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।
