रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच पुलिस ने सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा की ओर निकाले गए मार्च के मामले में 500 से अधिक अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने बताया कि विधानसभा मार्च के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया। उनके अनुसार पुलिस ने ऐसे लोगों की पहचान के लिए मार्च से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच शुरू की है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि FIR में किसी छात्र का नाम दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे वास्तविक छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। पुलिस के अनुसार कानून-व्यवस्था से संबंधित समस्या पैदा करने वाले लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाएगी और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार विधानसभा मार्च को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई गई है। पुलिस ने आंदोलन से जुड़े JPSS-JSSC Reform Manch से भी मार्च के संबंध में जानकारी ली। जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि बड़ी संख्या में छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कुछ अन्य लोग भी मार्च में शामिल हुए थे।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
उधर, प्रदर्शनकारी छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी रखने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें स्पष्ट हैं और जब तक सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में परीक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए सीबीआई जांच की मांग भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
JPSS-JSSC Students Nyay Manch के अध्यक्ष राम अवतार महतो ने दावा किया कि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JKLM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है और वह दोबारा आंदोलन स्थल पर लौटना चाहते हैं।
राम अवतार महतो के अनुसार देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल से प्रदर्शन स्थल पर लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से आंदोलन को कमजोर करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल छात्र आंदोलन जारी है और विधानसभा मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच चल रही है।
