दमोह। हिंडोरिया क्षेत्र में सहायक उप निरीक्षक रामकुमार ठाकुर की भूमिका को लेकर एक नया मामला सामने आया है। स्थानीय स्थायी वारंटी राकेश उर्फ बटई ने उन पर और एक प्रधान आरक्षक पर कथित रूप से मारपीट कर पैर में फ्रैक्चर करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने 18 अगस्त को पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (आईपीएस) को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
### 9 अगस्त की रात मारपीट का आरोप
पीड़ित द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, राकेश उर्फ बटई 9 अगस्त को पुलिस थाने में पेश हुआ था। आरोप है कि उसी रात देर रात सहायक उप निरीक्षक रामकुमार ठाकुर और एक प्रधान आरक्षक ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के समय दोनों पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। मारपीट के दौरान उसके पैर में गंभीर चोट आई और बाद में पैर में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई।
हालांकि, पुलिसकर्मियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
### निजी अस्पताल में कराया उपचार
पीड़ित के अनुसार, घटना के अगले दिन 10 अगस्त को उसे उपचार के लिए शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में ले जाया गया। इसके बाद तीन गुल्ली स्थित ट्रामा फ्रैक्चर अस्पताल में उसका उपचार कराया गया, जहां उसके पैर में प्लास्टर लगाया गया।
आरोप है कि उपचार के बाद उसे वापस थाने लाया गया और रात में वहीं रखा गया। इसके बाद 11 अगस्त को उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह अपने घर पहुंचा।
### एक्स-रे में फ्रैक्चर की पुष्टि का दावा
पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया कि हिंडोरिया प्राथमिक उपचार केंद्र में उसका एक्स-रे कराया गया था, जिसमें पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। उसका आरोप है कि एक्स-रे और संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज उसे उपलब्ध नहीं कराए गए।
मेडिकल दस्तावेजों को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की आवश्यकता है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित रिकॉर्ड कहां उपलब्ध हैं और पीड़ित को उनकी प्रतियां क्यों नहीं मिलीं।
### एसपी को दिया आवेदन
राकेश उर्फ बटई ने 18 अगस्त को पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने के साथ ही ड्यूटी के दौरान नशे में होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
यदि जांच में ड्यूटी के दौरान नशे में होने का आरोप सही पाया जाता है तो यह पुलिस विभाग के लिए गंभीर अनुशासनात्मक मामला हो सकता है। इसके लिए घटना के समय संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, उपलब्ध रिकॉर्ड और यदि कोई चिकित्सकीय परीक्षण हुआ हो तो उसकी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
### ASI छुट्टी पर
मामला सामने आने के बाद सहायक उप निरीक्षक रामकुमार ठाकुर के छुट्टी पर जाने की जानकारी सामने आई है। 12 अगस्त को उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया था, लेकिन उनके छुट्टी पर होने की जानकारी दी गई। इसके चलते इस मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
### जांच में इन बिंदुओं की होगी अहम भूमिका
मामले की जांच में 9 अगस्त की रात की घटना, 10 अगस्त की चिकित्सकीय जांच, एक्स-रे रिपोर्ट, निजी अस्पताल में कराया गया उपचार, पैर में लगाया गया प्लास्टर, 11 अगस्त को न्यायालय में पेशी, जमानत से संबंधित दस्तावेज और संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी संबंधी जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।
अब पुलिस अधीक्षक द्वारा कराई जा रही जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पीड़ित के पैर में फ्रैक्चर किन परिस्थितियों में हुआ, मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है और पुलिसकर्मियों के ड्यूटी के दौरान नशे में होने का आरोप सही है या नहीं।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष सामने आने और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
