हटा में निर्माणाधीन मकान में करंट लगने से मजदूर की मौत, परिजनों ने की FIR की मांग

दमोह के हटा थाना क्षेत्र के गांधी वार्ड में निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे एक मजदूर युवक की करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों ने सिविल अस्पताल में विरोध जताते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
हटा में निर्माणाधीन मकान में करंट लगने से मजदूर की मौत, परिजनों ने की FIR की मांग

हटा/दमोह। हटा थाना क्षेत्र के गांधी वार्ड में निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे एक मजदूर युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सिविल अस्पताल पहुंचकर विरोध जताया और मामले में कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन मकान में मजदूर युवक काम कर रहा था। इसी दौरान वह विद्युत करंट की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

परिजनों ने हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी को आवेदन सौंपकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। हालांकि, एफआईआर दर्ज करने और किसी की जिम्मेदारी तय करने को लेकर पुलिस जांच कर रही है। अभी तक पुलिस की ओर से किसी व्यक्ति को घटना के लिए दोषी ठहराए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना की जानकारी मिलने पर विधायक पुत्र अंकुश खटीक भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की बात कही।

पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए विद्युत तारों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के लिए जिम्मेदारी और घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।