दमोह/हटा। हटा सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर चेतन साहू के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों में नाराजगी देखने को मिली। घटना के विरोध में चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि विरोध के बावजूद मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके नियमित चिकित्सीय कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
ड्यूटी डॉक्टर से मारपीट का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हटा सिविल अस्पताल में पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर चेतन साहू के साथ अनिल पुरानी और उसके साथियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश की स्थिति बनी।
बताया गया कि पीड़ित चिकित्सक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
घटना के विरोध में चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार चिंता का विषय है। चिकित्सकों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन के बावजूद मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। उनका कहना है कि मरीजों का उपचार और उनकी देखभाल चिकित्सकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए वे अपने मूल कर्तव्यों से पीछे नहीं हटेंगे।
घटना की पुनरावृत्ति रोकने की मांग
जिला चिकित्सालय दमोह के सहायक अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र ने घटना को निंदनीय बताते हुए चिकित्सकों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने मूल कर्तव्यों से विमुख नहीं हो सकते और मरीजों की सेवा लगातार जारी रखेंगे, लेकिन ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने मेडिकल एसोसिएशन सहित जिले के सभी चिकित्सकों से इस विषय पर एकजुट रहने की अपील की। साथ ही आमजन से भी अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ सहयोग एवं संयम बरतने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि अस्पतालों में चिकित्सक और कर्मचारी प्रतिदिन मरीजों के उपचार में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
पुलिस द्वारा दर्ज मामले की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
