दमोह। किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने और रबी सीजन के लिए खाद की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 20 अगस्त से ‘हर किसान-हर घर-हर खेत खाद’ अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ अग्रिम रूप से खाद देने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
किसानों को उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के चलते शुक्रवार 14 अगस्त की शाम 7 बजे से उर्वरक विक्रय अस्थायी रूप से बंद किया गया था। अधिकारियों के अनुसार स्टॉक मिलान का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
बताया गया है कि सोमवार 17 अगस्त से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं गुरुवार 20 अगस्त से ‘हर किसान-हर घर-हर खेत खाद’ अभियान प्रारंभ होगा। इसका उद्देश्य रबी सीजन के लिए किसानों को इसी माह से आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि आगामी फसल के समय खाद को लेकर परेशानी न हो।
प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण का दावा किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक प्रदेश में यूरिया की कुल उपलब्धता 17.04 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया किसानों द्वारा उठाया जा चुका है। वर्तमान में 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध बताया गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यूरिया की उपलब्धता 1.60 लाख मीट्रिक टन थी।
इसी तरह 1 अप्रैल से अब तक डीएपी और एनपीके की कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें से 7.09 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों द्वारा उठाया गया। वर्तमान में डीएपी और एनपीके की 4.10 लाख मीट्रिक टन उपलब्धता बताई गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में इन दोनों उर्वरकों की उपलब्धता 3 लाख मीट्रिक टन थी।
एसएसपी की बात करें तो 1 अप्रैल से अब तक इसकी कुल उपलब्धता 6.78 लाख मीट्रिक टन रही है। इसमें से 3.61 लाख मीट्रिक टन एसएसपी किसानों द्वारा उठाया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश में 3.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध बताया गया है।
अभियान के माध्यम से सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना है। अग्रिम रूप से खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था से किसानों को रबी सीजन में उर्वरक की आवश्यकता के समय अनावश्यक भागदौड़ और इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है।
