प्रधानमंत्री आवास योजना में ₹5 हजार लेने का आरोप, ग्रामीण ने वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

दमोह के पथरिया नहीं, बल्कि पटेरा जनपद क्षेत्र की धंगावां पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी से ₹5,000 लिए जाने का आरोप सामने आया है। भटिया मोहल्ला निवासी रामनाथ यादव ने वीडियो में सरपंच के बेटे संतोष पर राशि लेने का आरोप लगाया है। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
प्रधानमंत्री आवास योजना में ₹5 हजार लेने का आरोप, ग्रामीण ने वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

दमोह । पटेरा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली धंगावां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा एक मामला सामने आया है। भटिया मोहल्ला निवासी ग्रामीण रामनाथ यादव ने वीडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ₹5,000 लिए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीण ने यह राशि सरपंच के बेटे संतोष द्वारा लिए जाने की बात कही है।

रामनाथ यादव द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार, करीब 10 से 12 दिन पहले उनसे ₹5,000 की राशि ली गई थी। वीडियो में जब उनसे राशि लिए जाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनसे यह कहते हुए पैसे लिए गए कि ₹5,000 लगते ही हैं।

ग्रामीण के इस आरोप के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर हितग्राहियों से होने वाले लेन-देन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि राशि लेने और रिश्वत मांगने से जुड़े आरोप ग्रामीण के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि किसी हितग्राही से योजना का लाभ दिलाने के नाम पर अवैध राशि लिए जाने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर मामला होगा और संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आधार बन सकता है।

रामनाथ यादव के वीडियो के सामने आने के बाद अब मामले में प्रशासनिक जांच की आवश्यकता दिखाई दे रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा सकता है कि ग्रामीण से वास्तव में राशि ली गई थी या नहीं, राशि किस उद्देश्य से ली गई और इसमें पंचायत स्तर के किसी जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

मामले को लेकर जनपद और जिला स्तर के अधिकारियों से भी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। यदि शिकायत या वीडियो के आधार पर जांच शुरू होती है तो संबंधित हितग्राही के बयान, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, योजना की स्वीकृति और पंचायत स्तर के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।

वहीं, ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए क्या किसी हितग्राही से राशि ली जा रही है? यदि ऐसा है तो कितने अन्य हितग्राही भी इस तरह की मांग का सामना कर चुके हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस मामले में बिना जांच के किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत का दावा करना उचित नहीं होगा। इसलिए प्रशासन के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की है।

ग्रामीण रामनाथ यादव द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यदि प्रशासन मामले की जांच करता है तो प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित हितग्राहियों से भी जानकारी ली जा सकती है। इससे यह पता चल सकेगा कि आरोप केवल एक प्रकरण तक सीमित हैं या पंचायत में अन्य हितग्राहियों से भी इसी प्रकार की राशि लिए जाने की शिकायतें हैं।

फिलहाल मामले में रामनाथ यादव के आरोप ही सामने आए हैं। सरपंच के बेटे संतोष अथवा पंचायत के अन्य जिम्मेदार पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष का जवाब और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।