दमोह। मप्र पटवारी संघ के प्रांतीय प्रवक्ता नीरज चौरसिया ने पटवारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रमुख बिंदु सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते अतिरिक्त कार्यभार के कारण पटवारियों के मूल राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में शासन स्तर पर पटवारियों की जिम्मेदारियों और अधिकारों को स्पष्ट करने की आवश्यकता है।
नीरज चौरसिया के अनुसार, संघ की प्रमुख मांगों में पटवारियों की भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करना तथा पंचायत और राजस्व विभाग के कार्यों का स्पष्ट विभाजन करना शामिल है। उनका कहना है कि पटवारियों को अनावश्यक रूप से निष्पादक अथवा अंतिम निर्णयकर्ता की भूमिका नहीं दी जानी चाहिए।
डिजिटल पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करने की मांग
प्रांतीय प्रवक्ता ने डिजिटल पोर्टल में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कार्यप्रणाली में तकनीकी दिक्कतों का सीधा असर मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर पड़ता है।
उन्होंने भूमि संबंधी विवादों में जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया बनाए जाने की आवश्यकता भी बताई। इसके अलावा Farmer ID प्रक्रिया में पटवारियों की भूमिका, कार्य एवं उत्तरदायित्व भी स्पष्ट किए जाने की मांग रखी गई है।
अतिरिक्त कार्यभार से मूल कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए
नीरज चौरसिया ने कहा कि पटवारियों पर लगातार अतिरिक्त कार्यों की जिम्मेदारियां बढ़ने से उनके मूल राजस्व कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने शासन से नई व्यवस्था लागू करने से पहले मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझकर उनका समाधान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विभागीय व्यवस्थाओं में स्पष्टता होने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिल सकेगी।
संघ की प्रमुख मांगें
पटवारियों की भूमिका और अधिकार क्षेत्र स्पष्ट किया जाए।
पंचायत एवं राजस्व विभाग के कार्यों का स्पष्ट विभाजन किया जाए।
पटवारी को अनावश्यक रूप से निष्पादक अथवा अंतिम निर्णयकर्ता की भूमिका न दी जाए।
डिजिटल पोर्टल की तकनीकी खामियों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
भूमि विवादों में जिम्मेदारी तय करने की स्पष्ट प्रक्रिया बनाई जाए।
Farmer ID प्रक्रिया में पटवारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट किए जाएं।
अतिरिक्त कार्यभार के कारण मूल राजस्व कार्य प्रभावित न हों।
नई व्यवस्था लागू करने से पहले मैदानी कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाए।
प्रांतीय प्रवक्ता नीरज चौरसिया ने शासन से संघ की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि स्पष्ट जिम्मेदारियों और बेहतर कार्यप्रणाली से राजस्व कार्यों का संचालन अधिक सुचारु रूप से किया जा सकेगा।
