दमोह में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, आईजी और डीआईजी ने विद्यार्थियों को किया संबोधित

दमोह के राधिका पैलेस में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सागर रेंज के आईजी और डीआईजी सहित पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया और नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
दमोह में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, आईजी और डीआईजी ने विद्यार्थियों को किया संबोधित

दमोह। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत शहर के जबलपुर नाका स्थित राधिका पैलेस में मंगलवार को नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (आईपीएस) के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर सागर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मिथिलेश शुक्ला तथा उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) शशीन्द्र सिंह चौहान विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के सामाजिक, मानसिक और पारिवारिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व परिवार के सदस्यों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। अधिकारियों ने कहा कि जागरूक समाज ही नशामुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार, देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, रक्षित निरीक्षक अभिनव साहू, आकांक्षा जोशी, यातायात प्रभारी दलबीर सिंह मार्को, रचना मिश्रा, अमित गौतम, स्टेनो अरुण गौतम, रीडर वीरेंद्र खरे, चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल, रोहित द्विवेदी और विक्रम दांगी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा नशे के दुष्परिणामों पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। बताया जा रहा है कि इस प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशे की लत व्यक्ति के भविष्य, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। उपस्थित विद्यार्थियों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश प्राप्त किया।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया, जिसमें युवाओं के प्रश्नों के उत्तर दिए गए और उन्हें नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना, उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करना है।

पुलिस विभाग का मानना है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाई जा सकती है, जिससे वे नशे के दुष्प्रभावों को समझकर बेहतर निर्णय ले सकें। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास नशे से संबंधित किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।