दमोह में मूंग खरीदी के लिए 15 केंद्र, व्यापारियों के स्टॉक का होगा भौतिक सत्यापन

दमोह जिले में किसानों की सुविधा के लिए मूंग खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 20 अगस्त तक एसडीएम की अनुमति के बिना व्यापारियों के मूंग स्टॉक को बाहर निकालने पर रोक लगाते हुए भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
दमोह में मूंग खरीदी के लिए 15 केंद्र, व्यापारियों के स्टॉक का होगा भौतिक सत्यापन

दमोह। किसानों की सुविधा और मूंग खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में मूंग खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने खरीदी व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती के साथ व्यापारियों के मूंग स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले संचालित खरीदी केंद्रों में तीन नए केंद्र जोड़े गए हैं। इसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार से बचाना और खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाना है।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि मंडी में व्यापारी खुले में नीलामी के माध्यम से मूंग की खरीदी करते हैं। प्रशासन को ऐसी शिकायतें मिलने की संभावना रहती है कि व्यापारियों द्वारा खरीदे गए मूंग के स्टॉक को किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों में बेचकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया जा सकता है।

ऐसी किसी भी संभावित अनियमितता पर रोक लगाने के लिए 16 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी मूंग खरीदी करने वाले व्यापारियों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके माध्यम से यह जांचने का प्रयास किया जाएगा कि व्यापारियों के पास उपलब्ध मूंग का स्टॉक वास्तविक रूप से कितना है।

कलेक्टर ने बताया कि मूंग खरीदी प्रक्रिया पूरी होने तक यानी 20 अगस्त तक व्यापारियों द्वारा खरीदे गए मूंग का स्टॉक संबंधित गोदाम में ही रखना होगा। एसडीएम की अनुमति के बिना स्टॉक बाहर निकालने पर रोक लगाई गई है।

प्रशासन के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य मूंग के स्टॉक के दोबारा उपयोग किए जाने और व्यापारियों की उपज को किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों में दर्ज कराने जैसी संभावित अनियमितताओं को रोकना है।

15 खरीदी केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती

जिले के सभी 15 मूंग खरीदी केंद्रों पर एक राजस्व अधिकारी और एक कृषि विभाग के अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि किसानों को खरीदी के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

इसके साथ ही खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता रोकने और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप उपज की खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को गलत अथवा नॉन-FAQ गुणवत्ता की उपज की खरीदी पर भी नजर रखने को कहा गया है।

अनियमितता पर कार्रवाई

कलेक्टर ने बताया कि सर्वेयर, समिति प्रबंधक और केंद्र प्रभारी की लापरवाही से संबंधित शिकायतों की प्रशासन द्वारा जांच कराई गई। जांच के आधार पर 5 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है, जबकि 2 समिति प्रबंधकों को पद से हटाया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मूंग खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों से शिकायत की अपील

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के किसानों से अपील की है कि यदि मूंग खरीदी के दौरान कोई व्यक्ति अनुचित मांग करता है या किसी तरह की परेशानी अथवा अनियमितता सामने आती है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

किसान प्रशासन के फेसबुक पेज पर कमेंट के माध्यम से अथवा कंट्रोल रूम नंबर 07812-314329 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फेसबुक के माध्यम से शिकायत करते समय किसानों से अपना मोबाइल नंबर दर्ज करने की अपील की गई है, ताकि प्रशासन संबंधित किसान से संपर्क कर समस्या का जल्द निराकरण कर सके।