दमोह। कृषि उपज मंडी में उपज खरीदी को लेकर विवाद गहराने पर शनिवार को किसानों ने मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर तालाबंदी कर चक्का जाम कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों का आरोप है कि व्यापारी पहले उनकी उपज की ढेरी तय कर लेते हैं, लेकिन बाद में खरीद से इनकार कर देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ लंबे समय तक मंडी में इंतजार करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि विरोध के दौरान बड़ी संख्या में किसान मंडी गेट पर एकत्र हो गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्का जाम के कारण कुछ समय के लिए मंडी का कामकाज प्रभावित रहा तथा उपज की खरीदी प्रक्रिया भी बाधित हुई।
घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सौरभ गंधर्व, तहसीलदार रॉबिन जैन, मंडी सचिव घनश्याम मुड़ा, पटवारी तिलक राज यादव, नीलेश गर्ग, चौकी प्रभारी विक्रम दांगी, प्रधान आरक्षक रामकुमार, प्रधान आरक्षक नरेंद्र एवं आरक्षक अखिलेश मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों और व्यापारियों से अलग-अलग चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान व्यापारियों की ओर से रामेश्वर चौधरी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने मंडी सचिव को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों ने भी अपने पक्ष से संबंधित मांगें और समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार व्यापारियों द्वारा बोली (डाक) शुरू नहीं किए जाने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि खेती में दिन-रात मेहनत करने के बाद यदि मंडी में उपज बेचने में भी परेशानी होगी, तो उनकी आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और जल्द समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर चक्का जाम खोल दिया। फिलहाल मंडी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।
