दमोह। हटा विकासखंड के ग्राम मझगुआ पतोल में स्कूल तक पहुंचने वाले कच्चे मार्ग की बदहाली से परेशान छात्र-छात्राओं ने शनिवार को बारिश के बीच सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। शासकीय हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी साइकिलें सड़क पर खड़ी कर चक्काजाम किया और स्कूल तक पक्की सड़क बनाए जाने की मांग उठाई।
बताया गया कि स्कूल मुख्य सड़क से करीब एक किलोमीटर अंदर स्थित है। विद्यार्थियों को प्रतिदिन कच्चे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। बारिश के दौरान मार्ग पर कीचड़ और पानी भर जाने से पैदल चलना और साइकिल से आना-जाना मुश्किल हो जाता है।
शनिवार दोपहर तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मुख्य सड़क पर पहुंच गए। विद्यार्थियों ने साइकिलें खड़ी कर आवागमन रोक दिया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां भी थीं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने भी विद्यार्थियों का समर्थन किया।
छात्रों का कहना है कि स्कूल पहुंच मार्ग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे कई बार स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। विद्यार्थियों ने मांग की कि स्कूल तक जल्द से जल्द पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि बारिश के दौरान पढ़ाई के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।
ग्रामीणों ने भी बताया कि यह रास्ता केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और किसानों के आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। सड़क खराब होने के कारण बारिश के दिनों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चक्काजाम की सूचना मिलने पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार उमेश तिवारी मौके पर पहुंचे। उनके साथ पटवारी सुधीर राज भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी।
इसके बाद तहसीलदार विद्यार्थियों के साथ स्कूल तक पहुंचे और कच्चे मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने बारिश के कारण रास्ते की स्थिति और विद्यार्थियों को हो रही परेशानी का जायजा लिया।
मौके पर अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जल्द वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद समझाइश के पश्चात छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और सड़क पर आवागमन फिर से शुरू हो गया।
हालांकि छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों की मुख्य मांग स्कूल तक स्थायी रूप से पक्की सड़क बनाए जाने की है। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था से फिलहाल राहत मिल सकती है, लेकिन हर वर्ष बारिश में होने वाली समस्या का स्थायी समाधान सड़क निर्माण से ही संभव होगा।
