कारीबरा जंगल में भालू के हमले से घायल दंपत्ति गंभीर, हटा से जिला अस्पताल रेफर; 108 एंबुलेंस के इंतजार का आरोप

दमोह जिले के मड़ियादो क्षेत्र के कारीबरा जंगल में भालू के हमले से घायल दंपत्ति को हटा सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि गंभीर हालत के बावजूद उन्हें कई घंटों तक 108 एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
कारीबरा जंगल में भालू के हमले से घायल दंपत्ति गंभीर, हटा से जिला अस्पताल रेफर; 108 एंबुलेंस के इंतजार का आरोप

हटा/दमोह। जिले के मड़ियादो थाना क्षेत्र अंतर्गत बफर क्षेत्र के कारीबरा जंगल में भालू के हमले से घायल हुए पति-पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों घायलों को हटा सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद बेहतर उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कारीबरा निवासी लक्ष्मण पिता राजराम आदिवासी, उम्र करीब 40 वर्ष, अपनी पत्नी मनीषा और बच्चों के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गए थे। इसी दौरान जंगल में उनका सामना एक मादा भालू और उसके बच्चों से होने की जानकारी सामने आई।

बताया जा रहा है कि भालू ने दंपत्ति पर हमला कर दिया। घटना के दौरान बच्चे सुरक्षित निकलने में सफल रहे, जबकि पति-पत्नी भालू के हमले में घायल हो गए।

भालू के हमले में दोनों घायल

घायल लक्ष्मण के अनुसार, भालू ने उन पर कई बार हमला किया और उन्होंने अपनी पत्नी को बचाने का प्रयास किया। काफी संघर्ष के बाद दोनों किसी तरह भालू के चंगुल से बाहर निकल सके।

हमले में महिला के हाथ और पैर में गंभीर चोटें आने की जानकारी है, जबकि लक्ष्मण के हाथ और दाहिने पैर में भी चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वन रक्षक रामगोपाल अहिरवार द्वारा घायलों को उपचार के लिए हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर

हटा सिविल अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उन्हें दमोह जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, रेफर किए जाने के बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध होने में देरी का आरोप परिजनों ने लगाया है।

परिजनों का आरोप—कई घंटे तक 108 एंबुलेंस का इंतजार

परिजनों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल दंपत्ति को जिला अस्पताल ले जाने के लिए शाम करीब 7 बजे से 108 एंबुलेंस का इंतजार किया जा रहा था। उनका आरोप है कि कई घंटे बीत जाने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे घायल मरीज और उनके परिजन सिविल अस्पताल में परेशान रहे।

परिजनों का कहना है कि गंभीर मरीजों को समय पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में लंबे समय तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ गई।

उन्होंने बताया कि एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन काफी समय तक राहत नहीं मिल सकी।

क्षेत्र में एंबुलेंस की समस्या का भी आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में एंबुलेंस सेवा को लेकर इस तरह की परेशानियां पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

हालांकि, एंबुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल भालू के हमले में घायल दंपत्ति की गंभीर स्थिति और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाने में हो रही देरी चिंता का विषय बनी हुई है। वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।