दमोह। दमोह देहात थाना अंतर्गत जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की 1 लाख 23 हजार रुपये की कथित लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार यह लूट वास्तविक नहीं थी, बल्कि कंपनी के ही एक एजेंट ने कथित रूप से रकम हड़पने के इरादे से अपने दो साथियों के साथ मिलकर फर्जी लूट की साजिश रची थी। मामले में पुलिस ने एजेंट सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट घनश्याम अहिरवार ने 7 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर 8 अगस्त को देहात थाने में लूट का मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में घनश्याम ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी महिला सहकर्मी जूही चंदेल के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से किश्तों की राशि वसूलकर मोटरसाइकिल से लौट रहा था। इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर गिराया और मारपीट की। आरोप था कि बदमाश 1 लाख 23 हजार रुपये से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता के दौरान मामले के खुलासे की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान शिकायतकर्ता घनश्याम अहिरवार के बयान और घटनाक्रम को लेकर कुछ संदेह सामने आए। इसके बाद सीएसपी एच.आर. पांडे, देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल तथा साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
साइबर सेल द्वारा कॉल डिटेल और लोकेशन सहित अन्य तकनीकी जानकारी की जांच की गई। पुलिस के अनुसार तकनीकी जांच और पूछताछ के दौरान घटनाक्रम में शिकायतकर्ता की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में घनश्याम ने कंपनी की रकम हड़पने के लिए फर्जी लूट की योजना बनाने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार घनश्याम ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए अपने दो परिचितों संजय और सोहित को शामिल किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 5 हजार रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान महिला सहकर्मी जूही चंदेल की भूमिका को लेकर भी पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की। पुलिस के अनुसार जूही को कथित साजिश की जानकारी नहीं थी और उसने वास्तव में बैग बचाने के लिए बदमाशों से संघर्ष किया था। पुलिस का कहना है कि घनश्याम ने अपनी कहानी को वास्तविक दिखाने के लिए महिला सहकर्मी को घटना का हिस्सा और गवाह बताया था।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
