दमोह। जिला अस्पताल में गुरुवार अल सुबह हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के औचक निरीक्षण के बाद सामने आई अनियमितताओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों के आधार पर फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, कार्रवाई के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें गंभीर अवस्था में उपचार के लिए जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, दवा स्टॉक, रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जांच की गई। इस दौरान कई स्तरों पर खामियां और अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई।
निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसी क्रम में फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे के संबंध में निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बताया गया कि कार्रवाई के बाद फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है और चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली अन्य अनियमितताओं को लेकर भी प्रशासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डाटा एंट्री ऑपरेटर नरेश अहिरवार को भी निलंबित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए औचक निरीक्षण लगातार किए जाते रहेंगे। निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां सामने लाना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करना और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल के निरीक्षण में दवा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कमियों को लेकर पहले भी कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। गुरुवार को हुई कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में हलचल देखी गई।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. राकेश राय, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
फिलहाल फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे का उपचार जिला अस्पताल के आईसीयू में जारी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है। वहीं निलंबन से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
