दमोह। एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत चयनित ‘दमोह का दमयंती चना’ अब ब्रांडिंग और मूल्य संवर्धन के जरिए बड़े बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए दमयंती चना से जुड़े उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और प्रचार-प्रसार में रुचि रखने वाले पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
योजना के तहत चयनित आवेदकों को प्रदेश के भीतर और प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाले मेलों एवं प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर स्थायी स्टॉल स्थापित करने के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
किसान, एफपीओ और स्वयं सहायता समूह कर सकेंगे आवेदन
इस योजना का लाभ प्रगतिशील एवं उन्नतशील किसानों के साथ ही एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, एटीएमए, सहकारी समितियों तथा मंडी के सदस्यों को दिया जा सकता है। ऐसे आवेदक जो दमयंती चना से निर्मित उत्पादों के प्रसंस्करण और ब्रांडिंग के क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्राप्त आवेदनों की जांच गठित समिति द्वारा की जाएगी। पात्रता की जांच के बाद योग्य आवेदकों का चयन किया जाएगा।
मेले में स्टॉल लगाने पर कितनी मिलेगी सहायता?
चयनित प्रतिभागियों को प्रदेश के भीतर आयोजित मेलों में स्टॉल लगाने के लिए स्टॉल शुल्क का 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
वहीं प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाले मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए स्टॉल शुल्क का 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 65 हजार रुपये तक सहायता का प्रावधान है।
इसके अलावा दमयंती चना से तैयार उत्पादों के प्रचार और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राज्य के भीतर रेलवे स्टेशनों पर स्थायी स्टॉल लगाने हेतु अधिकतम 75 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। बस स्टैंड पर स्थायी स्टॉल स्थापित करने के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये तक सहायता का प्रावधान किया गया है।
आवेदन कहां से मिलेगा?
इच्छुक आवेदक आवेदन पत्र कार्यालय उपसंचालक कृषि, कलेक्ट्रेट परिसर, दमोह के कक्ष क्रमांक 70 से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय-सीमा में जमा करना होगा।
जारी जानकारी के अनुसार आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 बताई गई है। हालांकि सूचना 27 अगस्त 2026 की है, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि इससे पहले की दर्शाई गई है। इसलिए इच्छुक आवेदकों को आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित उपसंचालक कृषि कार्यालय, दमोह से जरूर कर लेनी चाहिए। यह तारीख संभवतः टाइपिंग या आदेश में संशोधन से जुड़ी त्रुटि भी हो सकती है।
एक वित्तीय वर्ष में एक बार ही मिलेगी सहायता
जारी आदेश के अनुसार प्रदेश या प्रदेश के बाहर आयोजित मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए समान उद्देश्य वाली अन्य शासकीय योजनाओं को शामिल करते हुए प्रत्येक प्रयोजन के लिए एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक बार ही आर्थिक सहायता प्राप्त की जा सकेगी।
यदि योजना की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है या आर्थिक सहायता का दुरुपयोग सामने आता है, तो नियमानुसार राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही संबंधित लाभार्थी को भविष्य में शासकीय आर्थिक सहायता के लिए अपात्र भी घोषित किया जा सकता है।
इस योजना का उद्देश्य दमोह के विशेष उत्पाद दमयंती चना को स्थानीय पहचान से आगे बढ़ाकर व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को आर्थिक अवसर प्रदान करना है।
