दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के तहत अधिसूचित सेवाओं के आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप नागरिकों को चिन्हित लोक सेवाओं का लाभ तय समय-सीमा के भीतर वास्तविक रूप से मिलना चाहिए।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि नागरिकों द्वारा MPe District, RCMS, Pension सहित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से लोक सेवाओं के लिए आवेदन दर्ज किए जाते हैं। आवेदन की रसीद में संबंधित सेवा के निराकरण की अंतिम तिथि भी अंकित रहती है। ऐसे में संबंधित पदाभिहित अधिकारी का दायित्व है कि निर्धारित अंतिम तिथि से पहले आवेदन का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
स्वीकृत आवेदन पर समय पर मिले सेवा का लाभ
कलेक्टर ने कहा कि आवेदन स्वीकृत होने की स्थिति में संबंधित आवेदक को सेवा का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वहीं यदि किसी आवेदन को निरस्त किया जाता है तो आवेदक को निरस्तीकरण का कारण स्पष्ट रूप से बताया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लोक सेवा से जुड़े आवेदनों के निराकरण में केवल पोर्टल पर कार्रवाई दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र आवेदक को संबंधित प्रमाण पत्र या दस्तावेज समय पर प्राप्त होना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शाम 6 बजे के बाद निराकरण पर जताई अप्रसन्नता
कलेक्टर ने बताया कि पोर्टल की रिपोर्ट के अवलोकन के दौरान यह सामने आया है कि कुछ पदाभिहित अधिकारियों द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि के शाम 6 बजे के बाद भी आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अंतिम तिथि को लोक सेवा केंद्र पहुंचने वाले आवेदकों को कार्यालयीन समय में प्रमाण पत्र या आवश्यक दस्तावेज प्राप्त नहीं हो पाते हैं। यह स्थिति अधिनियम और शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है।
अंतिम तिथि से एक दिन पहले निराकरण के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी संबंधित पदाभिहित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों का निराकरण अंतिम तिथि से कम से कम एक दिन पूर्व करने का प्रयास किया जाए। साथ ही संबंधित प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज समय रहते लोक सेवा केंद्रों को भेजे जाएं, ताकि आवेदकों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतिम तिथि के शाम 6 बजे के बाद एक भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए।
कलेक्टर ने पूर्व में जारी निर्देशों तथा समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
