वृद्धजनों की सेवा में कोई कमी न हो, अतिरिक्त रसोइया और केयरटेकर की होगी व्यवस्था

दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वृद्धजनों को बेहतर भोजन, उपचार, पेंशन और बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के साथ अतिरिक्त रसोइया व केयरटेकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
वृद्धजनों की सेवा में कोई कमी न हो, अतिरिक्त रसोइया और केयरटेकर की होगी व्यवस्था

दमोह। वृद्धजनों की बेहतर देखभाल और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर वृद्धजनों को प्रेम, सम्मान और देखभाल की सबसे अधिक जरूरत होती है।

कलेक्टर ने कहा कि आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों ने शासन-प्रशासन पर भरोसा करते हुए अपना घर-परिवार छोड़ा है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि उन्हें आश्रम में किसी तरह की असुविधा न हो और उन्हें घर जैसा सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृद्धजनों को समय पर पौष्टिक भोजन, आवश्यकता पड़ने पर उचित उपचार और रहने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्हें नियमित रूप से पेंशन मिलती रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने आश्रम में ही बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके लिए कियोस्क संचालक के माध्यम से वृद्धजनों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें छोटे-बड़े वित्तीय कार्यों के लिए बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।

उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को स्वच्छ, स्वस्थ और आध्यात्मिक वातावरण मिलना चाहिए। आश्रम में ऐसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए जिससे यहां रहने वाले बुजुर्गों को अपने घर-परिवार से दूर होने का अहसास कम हो और वे सम्मान एवं अपनत्व के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

अतिरिक्त रसोइया और केयरटेकर की व्यवस्था

आश्रम में रहने वाली वृद्ध माताओं द्वारा बताई गई समस्याओं को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एक अतिरिक्त रसोइया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि भोजन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

इसके अलावा केयरटेकर की कमी के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित न हों, इसके लिए एक अतिरिक्त केयरटेकर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन द्वारा वृद्धाश्रम का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।

युवाओं से वृद्धजनों की सेवा का आह्वान

कलेक्टर ने युवाओं से वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवारों में बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाने चाहिए, जिससे भविष्य में उन्हें अपने वृद्ध माता-पिता के लिए आश्रम के सहारे की आवश्यकता न पड़े।

उन्होंने कहा कि यदि आज की पीढ़ी अपने वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करेगी तो आने वाली पीढ़ी भी उनके महत्व को समझेगी। वृद्धजनों का आशीर्वाद और उनके चेहरे की मुस्कान ही समाज के बेहतर भविष्य की पहचान है।

कलेक्टर ने युवाओं से आग्रह किया कि वे वृद्धजनों की सेवा करें, उनका आशीर्वाद प्राप्त करें और उनके अनुभवों से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ें।