दमोह। दमोह में जन्मदिन की पार्टी को लेकर दो अधिवक्ताओं के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। एक अधिवक्ता की ओर से दूसरे अधिवक्ता को रजिस्टर्ड नोटिस भेजकर जन्मदिन की पार्टी देने के साथ-साथ उपचार और अन्य खर्चों के नाम पर कुल 41,250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग किए जाने का मामला सामने आया है।
नोटिस में पार्टी नहीं मिलने के कारण मानसिक परेशानी, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने का दावा किया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए दावों और आरोपों पर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विवेकानंद नगर निवासी विशाल सिंह राजपूत की ओर से अधिवक्ता कमल सिंह ठाकुर द्वारा सिविल कोर्ट दमोह में अधिवक्ता गोविंद तिवारी को रजिस्टर्ड नोटिस भेजा गया है।
जन्मदिन पर पार्टी देने का वादा करने का दावा
नोटिस में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मित्रता होने और सुख-दुख में साथ रहने का उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार अधिवक्ता गोविंद तिवारी का जन्मदिन 10 अगस्त 2026 को था।
दावा किया गया है कि जन्मदिन के अवसर पर साथी अधिवक्ताओं और नोटिसकर्ता द्वारा उनका जन्मदिन मनाया गया था। इसी दौरान गोविंद तिवारी द्वारा पार्टी देने का मौखिक वादा किया गया था।
नोटिस में कहा गया है कि बाद में पार्टी नहीं दिए जाने पर कई बार अनुरोध किया गया। इसके बाद कथित रूप से 19 अगस्त 2026 को गवाहों के समक्ष एक लिखित घोषणा पत्र अथवा इकरारनामा दिया गया, जिसमें 23 अगस्त को शाम 7 बजे से 9 बजे के बीच पार्टी देने की बात कही गई थी।
रात 9 बजे तक इंतजार करने का दावा
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि तय तारीख 23 अगस्त को नोटिसकर्ता पार्टी का इंतजार करता रहा। शाम करीब 7 बजे फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कथित रूप से फोन रिसीव नहीं हुआ।
इसके बाद रात 8 बजे भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने का दावा किया गया है। नोटिस के अनुसार रात 9 बजे तक इंतजार करने के बावजूद न तो पार्टी दी गई और न ही संपर्क हो सका।
होटल के भोजन और उपचार खर्च का किया गया दावा
नोटिस में कहा गया है कि पार्टी नहीं मिलने के बाद नोटिसकर्ता को मानसिक परेशानी हुई और उसे मजबूरी में रात करीब 10 बजे होटल में भोजन करना पड़ा, जिस पर 1,750 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
इसके अलावा अगले दिन स्वास्थ्य खराब होने पर जिला चिकित्सालय दमोह में प्राथमिक उपचार कराने तथा आगे उपचार की आवश्यकता पड़ने का उल्लेख किया गया है।
नोटिस के अनुसार बाद में सीने में दर्द की शिकायत के चलते आगे उपचार कराया गया, जिसमें 39,500 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद परिचितों और दोस्तों के बीच मजाक उड़ाए जाने से नोटिसकर्ता को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सात दिन के भीतर पार्टी और क्षतिपूर्ति देने की मांग
कानूनी नोटिस के माध्यम से कुल 41,250 रुपये की क्षति होने का दावा करते हुए नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर पार्टी देने और उक्त राशि का भुगतान करने की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त नोटिस भेजने के खर्च के रूप में 2,000 रुपये अलग से देने की मांग भी किए जाने का उल्लेख है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि के भीतर मांग पूरी नहीं होने पर संबंधित पक्ष के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है तथा आगे होने वाले खर्च और हर्जे की जिम्मेदारी नोटिसी की होगी।
हालांकि, यह मामला फिलहाल कानूनी नोटिस और उसमें किए गए दावों के आधार पर सामने आया है। दूसरे पक्ष का जवाब या प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
