दमोह। मध्यप्रदेश शासन द्वारा निजी क्षेत्र में कृषि यंत्रों को किराए पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, आधुनिक कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित करने तथा छोटे एवं मध्यम किसानों को उन्नत कृषि यंत्र उचित दर पर उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक पात्र आवेदक 21 अगस्त 2026 तक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। सभी वर्गों के कृषि युवा उद्यमी तथा एफपीओ आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होना आवश्यक है।
### अधिकतम 25 लाख रुपये की परियोजना, 40 प्रतिशत तक अनुदान
कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए परियोजना की अधिकतम लागत 25 लाख रुपये निर्धारित की गई है। पात्र हितग्राही को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये है। योजना में 4 वर्ष का लॉक-इन पीरियड निर्धारित किया गया है।
### ये कृषि यंत्र अनिवार्य रूप से शामिल होंगे
कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 50 पीटीओ एचपी से अधिक क्षमता वाला ट्रैक्टर तथा मल्चर/श्रेडर/रीपर-कम-बाइंडर, स्ट्रॉ रीपर अथवा मल्टी क्रॉप रीपर, हैप्पी सीडर/सुपर सीडर/स्मार्ट सीडर और रिवर्सिबल प्लाऊ अथवा डिस्क हैरो जैसे कृषि यंत्रों को अनिवार्य श्रेणी में रखा गया है।
इसके अतिरिक्त हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रेज्ड बेड प्लांटर, जीरो टिलेज प्लांटर, वेजिटेबल प्लांटर, पोटेटो प्लांटर, शुगरकेन कटर-प्लांटर, मल्टीक्रॉप प्लांटर, ट्रैक्टर माउंटेड रीपर, कॉटन पिकर, ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर, एयरो ब्लास्ट स्प्रेयर, लेजर लैंड लेवलर, स्ट्रिपर, सीड ड्रिल, पावर टिलर, सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर, राइस ट्रांसप्लांटर, पावर वीडर, बनाना फाइबर एक्सट्रैक्टर, पैडी थ्रेशर, स्ट्रॉलोडर, रोटरी प्लाऊ, डोजिंग अटैचमेंट, क्लीनर-कम-ग्रेडर, राइस मिल, दाल मिल, आइडल एक्सट्रैक्टर सहित अन्य कृषि यंत्र भी योजना में शामिल हैं।
### आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, कक्षा 10वीं एवं 12वीं की अंकसूची, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे खसरा/बी-1, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए जाति प्रमाण-पत्र, सीए द्वारा तैयार प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा 10 हजार रुपये की धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट आवश्यक होगा।
धरोहर राशि का डीडी सहायक कृषि यंत्री, सागर के नाम से तैयार किया जाना है। लॉटरी में नाम नहीं आने की स्थिति में धरोहर राशि का चेक वापस किए जाने का प्रावधान है।
### कृषि अवसंरचना कोष से भी मिलेगा लाभ
योजना के तहत भारत सरकार की कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना से भी लाभ मिलने का प्रावधान बताया गया है। इसके अंतर्गत 9 प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा तथा ब्याज में 3 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान है।
इच्छुक और पात्र कृषि युवा उद्यमी तथा एफपीओ निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर कस्टम हायरिंग योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना के माध्यम से कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ने के साथ किसानों को किराए पर आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
