भोपाल। मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में निकली ‘किसान क्रांति पदयात्रा’ भोपाल तक पहुंची, जहां बड़ी संख्या में किसान होशंगाबाद रोड और 11 मील क्षेत्र में जुटे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान नर्मदापुरम से पदयात्रा शुरू कर ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप और बरखेड़ा होते हुए भोपाल पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की घोषणा की है। प्रदर्शन को देखते हुए भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई।
किसान संगठनों के अनुसार आंदोलन में शामिल कई किसान अपने साथ कई दिनों का राशन, पानी और अन्य जरूरी सामान लेकर पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
### 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग
किसानों की प्रमुख मांग ग्रीष्मकालीन मूंग की पूरी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी स्तर पर खरीदने की है। किसानों का कहना है कि सीमित सरकारी खरीद के कारण बड़ी मात्रा में मूंग खुले बाजार में बेचनी पड़ रही है।
किसान संगठनों का दावा है कि सीमित खरीद व्यवस्था के चलते किसानों को अपनी उपज का एक हिस्सा मंडियों में कम कीमत पर बेचने की मजबूरी हो रही है। उनका कहना है कि इससे उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
मूंग के लिए इस सीजन में घोषित MSP **8,768 रुपये प्रति क्विंटल** है। आंदोलनकारी किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद की सीमा के कारण बाजार में उन्हें इससे कम कीमत पर उपज बेचनी पड़ रही है। हालांकि मंडी भाव अलग-अलग स्थानों और समय के अनुसार बदल सकते हैं।
### ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग
किसानों ने मूंग खरीदी में लागू ई-टोकन और ऑनलाइन स्लॉट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पोर्टल पर स्लॉट नहीं मिलने, तकनीकी दिक्कत और सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण कई किसान समय पर अपनी उपज सरकारी खरीदी केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे हैं।
इसके अलावा किसान खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग भी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में डीएपी और यूरिया की उपलब्धता को लेकर कई क्षेत्रों में परेशानी सामने आती है। वे खाद का पारदर्शी वितरण, पर्याप्त स्टॉक और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
### भोपाल में यातायात प्रभावित
किसानों के राजधानी पहुंचने के बाद कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। 11 मील और होशंगाबाद रोड क्षेत्र में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी और प्रदर्शनकारी आगे बढ़े। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
### सरकार से बातचीत की कोशिश
आंदोलन के बीच किसान प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत भी हुई। रिपोर्टों के अनुसार कृषि मंत्री ने किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार से मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की अपील करने की बात कही है।
वहीं किसान संगठनों का कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। वे मूंग की शत-प्रतिशत MSP खरीद, ई-टोकन व्यवस्था में बदलाव और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार को लेकर ठोस निर्णय चाहते हैं।
फिलहाल भोपाल में किसान आंदोलन को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत से आगे का रास्ता निकलने की उम्मीद है। आंदोलन की अगली रणनीति सरकार की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी।
