दमोह। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय जैन मिलन की केंद्रीय शाखा के आह्वान पर क्षेत्र क्रमांक-10 द्वारा जिले सहित विभिन्न जैन तीर्थ क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभियान के तहत एक ही दिन में 1008 पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
आयोजकों ने बताया कि यह विशेष पौधारोपण अभियान भगवान के 1008 नामों को समर्पित किया गया है। उनका कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर विकसित करना भी है। इसी भावना के साथ सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि यदि कोई पौधा किसी कारणवश नष्ट हो जाता है तो उसके स्थान पर नया पौधा लगाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत 24 तीर्थंकरों की स्मृति में 24 प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया गया। अभियान में दमोह जिले के महिला मंडल एवं पुरुष मंडल सहित क्षेत्र क्रमांक-10 की लगभग 50 शाखाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभियान के दौरान फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। आयोजकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया।
वृक्षारोपण अभियान के तहत कुण्डलपुर, गिरनारगिरि, नैनागिरि, द्रोणागिरि, नेमिगिरि, पजनारी जी, तपोवन, आदीश्वरगिरि, हथिनी, सर्वोदय तीर्थ, सूर्योदय तीर्थ और डेरा पहाड़ी सहित अनेक प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्रों में पौधारोपण किया गया।
आदीश्वरगिरि तीर्थ क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती शोभा जैन, श्रीमती रश्मि जैन, श्री संतोष जैन, श्रीमती मधु बजाज एवं श्रीमती ज्योति जैन सहित अन्य सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के समापन पर भारतीय जैन मिलन के पदाधिकारियों ने स्थानीय एवं विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सभी सदस्यों, शाखाओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक सामाजिक दायित्व है और ऐसे अभियान समाज में हरित चेतना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
