बांदकपुर चौकी प्रभारी ASI राजेंद्र मिश्रा को ‘जीवन रक्षा पदक’, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

दमोह के बांदकपुर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा को स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया। ड्यूटी के दौरान रेलवे हादसे में बायां हाथ गंवाने के बाद भी उन्होंने पुलिस सेवा में लौटकर जिम्मेदारी निभाई।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
बांदकपुर चौकी प्रभारी ASI राजेंद्र मिश्रा को ‘जीवन रक्षा पदक’, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

दमोह। कर्तव्य के दौरान गंभीर हादसे में अपना बायां हाथ गंवाने के बावजूद पुलिस सेवा में वापस लौटकर जिम्मेदारी निभाने वाले दमोह जिले के बांदकपुर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘जीवन रक्षा पदक’ प्रदान किया।

राजेंद्र मिश्रा नवंबर 2024 में एक रेलवे हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करैया भदौली रेलवे स्टेशन के पास दो युवकों के ट्रेन से गिरने की सूचना मिलने के बाद वह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस टीम द्वारा बचाव और राहत कार्य किया जा रहा था।

इसी दौरान पीछे से आई दूसरी ट्रेन की चपेट में एएसआई राजेंद्र मिश्रा आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनका बायां हाथ शरीर से अलग हो गया। घटना में डायल-100 वाहन का पायलट भी घायल हुआ था।

हादसे के बाद पुलिस टीम और अन्य लोगों की मदद से राजेंद्र मिश्रा को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया।

चिकित्सकों ने कटे हुए हाथ को दोबारा जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन संक्रमण के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बाद राजेंद्र मिश्रा को गंभीर शारीरिक क्षति के साथ आगे का उपचार और पुनर्वास कराना पड़ा।

हादसे के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और पुलिस सेवा में वापस लौटकर अपनी जिम्मेदारी निभाना जारी रखा। वर्तमान में वह दमोह जिले की बांदकपुर चौकी में प्रभारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उन्हें ‘जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा जारी रखने के लिए दिया गया।

राजेंद्र मिश्रा की कहानी पुलिस सेवा में कर्तव्य निभाने के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों के बीच उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। गंभीर हादसे के बाद भी सेवा में वापसी और जिम्मेदारी निभाना उनके लिए व्यक्तिगत संघर्ष के साथ-साथ पेशेवर प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है।

स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में सम्मान मिलने के बाद दमोह पुलिस विभाग और जिले में उनके सम्मान को लेकर चर्चा रही। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है।