असाटी वार्ड से निकली भव्य कांवड़ यात्रा, ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजा शहर

श्रावण मास के अवसर पर दमोह के असाटी वार्ड क्रमांक एक से रविवार को भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़िए ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से होकर श्री जटाशंकर धाम पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन किया गया।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
असाटी वार्ड से निकली भव्य कांवड़ यात्रा, ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजा शहर

दमोह। श्रावण मास के पावन अवसर पर रविवार 16 अगस्त को असाटी वार्ड क्रमांक एक से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन कांवड़िए ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान शहर का वातावरण भक्तिमय नजर आया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री प्रेम द्ववान बाबा जी की कृपा से आयोजित कांवड़ यात्रा असाटी वार्ड क्रमांक एक से प्रारंभ हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़िए भगवान शिव की आराधना करते हुए निर्धारित मार्ग से आगे बढ़े।

कांवड़ यात्रा असाटी वार्ड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा टॉकीज तिराहा और कोतवाली चौक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री जटाशंकर धाम की ओर रवाना हुई।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में आगे बढ़ते नजर आए।

श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

श्री जटाशंकर धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन किया। कांवड़ियों ने धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की।

आयोजकों के अनुसार, श्रावण मास के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कांवड़ यात्रा के चलते मार्ग में जगह-जगह धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालु भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों के साथ यात्रा में आगे बढ़ते रहे। जटाशंकर धाम पहुंचने के बाद पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।