एंबुलेंस में देरी पर ₹2.23 लाख का अर्थदंड, कलेक्टर ने दी सख्त हिदायत

दमोह में एंबुलेंस सेवा में देरी के मामले में संबंधित पक्ष पर ₹2,23,819 का अर्थदंड लगाया गया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत देते हुए अस्पतालों में जरूरी दवाएं 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

लेखक: Damoh Daily News प्रकाशित:
एंबुलेंस में देरी पर ₹2.23 लाख का अर्थदंड, कलेक्टर ने दी सख्त हिदायत

दमोह। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एंबुलेंस सेवा में देरी के एक मामले में संबंधित पक्ष पर ₹2,23,819 का अर्थदंड लगाया गया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया है कि मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर के अनुसार पिपरिया मिसर गांव की रोशनी बाई लोधी, पति टंडन लोधी ने एंबुलेंस के लिए कॉल किया था। एंबुलेंस के देरी से पहुंचने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग भोपाल को भेजी गई थी, जिसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की गई और ₹2,23,819 का अर्थदंड लगाया गया।

कलेक्टर ने संबंधितों को भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा नहीं होने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि लापरवाही का कोई मामला सामने आता है तो आगे भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अस्पतालों का आकस्मिक निरीक्षण जारी

कलेक्टर ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए लगातार आकस्मिक निरीक्षण किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यह देखा जा रहा है कि अस्पताल निर्धारित समय पर खुल रहे हैं या नहीं, डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी समय पर उपस्थित रहते हैं या नहीं तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार और अन्य आवश्यक सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।

प्रशासन का जोर स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर है।

24 घंटे में अस्पतालों तक पहुंचेंगी जरूरी दवाएं

कलेक्टर ने अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि मरीजों को जरूरी दवाओं के लिए बाहर से खरीदारी न करनी पड़े।

उन्होंने बताया कि अस्पतालों द्वारा दवाओं के लिए भेजे जाने वाले इंडेंट जिला CMHO कार्यालय में प्राप्त होने के बाद 24 घंटे के भीतर दवाएं जारी कर संबंधित अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल का इंडेंट लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार आमजन को निशुल्क उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में प्रशासन की सख्ती के बाद अब अस्पतालों और एंबुलेंस सेवा से जुड़े जिम्मेदारों पर समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।