दमोह। शिवभक्तों की आस्था और प्रकृति के प्रति प्रेम का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जबलपुर के पंचवटी भेड़ाघाट से दमोह जिले के प्रसिद्ध देव श्री जागेश्वरनाथ धाम, बांदकपुर तक 121 किलोमीटर की विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई है। पांच दिवसीय पदयात्रा में कांवड़िए मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए बांदकपुर की ओर बढ़ रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत 20 अगस्त को पंचवटी भेड़ाघाट से कांवड़ पूजन और मां नर्मदा की महाआरती के साथ हुई थी। पहले दिन यात्रा पाटन पहुंची। इसके बाद पाटन से तेंदूखेड़ा, तेंदूखेड़ा से तेजगढ़ और तेजगढ़ से घंघरी तक अलग-अलग पड़ाव रहे।
यात्रा के दौरान प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी कांवड़ यात्रा में शामिल रहे। उन्होंने शिवभक्तों के साथ यात्रा में सहभागिता करते हुए श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
इस कांवड़ यात्रा की खास बात यह है कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान पाटन, तेंदूखेड़ा, तेजगढ़ और घंघरी में पौधरोपण किया गया। कांवड़ियों ने प्रत्येक पड़ाव पर पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
पांचवें दिन घंघरी में पौधरोपण के बाद कांवड़ यात्रा अपने अंतिम पड़ाव देव श्री जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर के लिए रवाना हुई। बांदकपुर पहुंचकर कांवड़िए मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और महाआरती करेंगे।
पूरे यात्रा मार्ग में ‘बोल-बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। धार्मिक आस्था के साथ पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती यह कांवड़ यात्रा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
